बंद कर लो तुम, खिड़कियां सारी।
आ रही है बयार प्यारी।
कुछ ही पलों में हम भी आएंगे, टप-टप करके।
अभी से कर लो तुम तैयारी, हां हां भर के।
उथल-पुथल ये कर देगी, आंखों में धूल भर देगी।
रोक नहीं पाएंगे हम भी, पहले वो चलेगी।
हम देख नजारा उतरेंगे, तेज ध्वनि लेकर।
छम छम मोती गिराएंगे, हवाओं से गुजर कर।
सड़कों पर कीचड़ विखरेगें मेरे आने से।
सूखे फसल भीग जायेंगे, मेरे बूंदों से।
संभल जाओ अभी वक्त है काफी।
घर के अंदर हो जाओ तुम नहीं देंगे हम माफी।
जो मेंढक ने पुकारा हमें, मुझे आना पड़ रहा।
काले हो गए हम इनकी आवाजे सुनकर, हमे नशा हो रहा।
आखिरी चेतावनी है भारी, अभी से व्यवस्था कर लो प्यारी।
चूंघट में न तुम बचोगी खलिहान में रह कर, क्षण में
ही कहानी बन जाएगी सारी।