बंद कर लो तुम, खिड़कियां सारी।
कुछ ही पलों में हम भी आएंगे, टप-टप करके।
अभी से कर लो तुम तैयारी, हां हां भर के।
उथल-पुथल ये कर देगी, आंखों में धूल भर देगी।
रोक नहीं पाएंगे हम भी, पहले वो चलेगी।
छम छम मोती गिराएंगे, हवाओं से गुजर कर।
सड़कों पर कीचड़ विखरेगें मेरे आने से।
संभल जाओ अभी वक्त है काफी।
घर के अंदर हो जाओ तुम नहीं देंगे हम माफी।
जो मेंढक ने पुकारा हमें, मुझे आना पड़ रहा।
आखिरी चेतावनी है भारी, अभी से व्यवस्था कर लो प्यारी।
चूंघट में न तुम बचोगी खलिहान में रह कर, क्षण में




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