रात मिली सबेरा से, सबेरा बोला तुम क्यों आईं। जब पहले ही बता दिए हम, न दे सिला ऐसा भी, जो डस ले हमें तन्हाई। चली हमें छो…
बंद कर लो तुम, खिड़कियां सारी। आ रही है बयार प्यारी। कुछ ही पलों में हम भी आएंगे, टप-टप करके। अभी से कर लो तुम …
जिदंगी के भी बहुत नखरे है जालिम कभी वो खुद से रुठता तो कभी दुसरो से कभी वो खुद से मानता तो कभी दुसरो के मनाने से। …
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