दिल का दरिया अब तो सुख सा गया है, चाहकर भी आंसू बहा नहीं पाता है, ------------------------------------ brea…
रात मिली सबेरा से, सबेरा बोला तुम क्यों आईं। जब पहले ही बता दिए हम, न दे सिला ऐसा भी, जो डस ले हमें तन्हाई। चली हमें छो…
देखो लगते कितने सुंदर हैं पहाड़। शांत स्थिर न कोई इनमें है दहाड़ ।। घमंड नही ज़रा अपनी सुंदरता पर। मजबूती शान से खड़े अ…
जिदंगी के भी बहुत नखरे है जालिम कभी वो खुद से रुठता तो कभी दुसरो से कभी वो खुद से मानता तो कभी दुसरो के मनाने से। …
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